Tuesday, 9 July 2013

सिर्फ़ तुम...!!...

तुम को बारिश पसंद है...
मूज़े बारीशो मे तुम.....





तुम को बादल पसंद है....
मूज़े बादलो के बीच दिख रहा तुम्हारा चहरा.....!!!



 तुम को हसना पसंद है 

मूज़े हासते हूए तुम.......




तुम को  Moon light मे चलना पसंद है......
मूज़े मेरे साथ चलते हुआ तुम.........


तुम को बाते करना पसंद है.......
मूज़े बाते करते हू ए तुम.......

तुम को गिट्टार की धुन पसंद है.......
मूज़े गिट्टार बजाते हुआ तुम....

तुम को सितारो की रोशनी पसंद है....
मूज़े उस रोशनी मे चमक रहा तुम्हारा चहरा...!!


तुम को  सब कुछ पसंद है.......
मूज़े  'सिर्फ़ तुम...!!....

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