Thursday, 25 July 2013

तस्वीर तेरी,,,,!!!!!1

तसवीरतेरी  मे बना ना सकूँगी......
क्यू की ये तुम्हारी तरहा मुझे  प्यार से देख ना सकेगी...........





मे  बात करूँ गी तो वो खामोश रहेगी..............
तुम्हारी तरह प्यार से वो बातें मुजसे कर ना सके गी....
अगर प्यार से गले से लगा लिया तो ये कुछ ना कहे गी.......


उलझी हुई बतो को ये सुलझा ना सकेगी...........

वो आँखें हांगी सिर्फ़ तेरी ना वो  चंचल  निगाहे होंगी..


वो हाथ होंगे सामने तेरे ना की वो बाहें तेरी.........

परछाई तो होंगी उस तस्वीर की पर  कोई काम  आ ना  सकेगी.....


ये होंठ होंगे सिर्फ़ तेरे  ना कोई बाते होगी लाबो पे....
तुम्हारी हसीन बतोका ज़िक्र तो  वो ना  कर  सके गी....




तुम्हारे आँखो पे बिखरे हुआ बाल होंगे ज़रूर....
पर वो हवाओं के जोक के साथ लहरा ना साकेगी....



तुम्हारे चहरे की  मुस्कुराहट  होंगी ज़रूर........
पर तुम्हारे खुशी का एहसास वो मूज़े दिला ना सकेगी

उस तसवीर मे तुम पास मेरे होंगे ज़रूर...
पर वो तुम्हारे पास होने का एहसासस मूज़े दिला ना सकेगी..



तसवीर तेरी मे बना ना सकुगी.....
तसवीर तेरी  मे बना ना सकुगी.....

                                                                                                                      _Niki

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