Friday, 27 September 2013

क्यू तुम चले गये..??...?

      पता नही ज़िंदगी कब थम जाए और आँखें बंद हो जाए....
           फिर भी इंसान कभी इश बात को सोच ना ज़रूरी नही समजता.....
             कोशिश करता रहता है उमर भर दो पल की खुशी  पाने के लिए...
               जब तक उसकी ज़िंदगी का सूरज ढलता नही इंसान की ये कोशिश कायम रहती है.....


  ज़िंदगी कितनी सारी चाहतो का सिलसिला है...कोई मिल गया तो कोई बिछड़ गया..ज़िंदगी की चलती रह पे हज़ारो लोग मिले...कोई अभी भी साथ है..कोई बीच रह पे इस दुनिया से चले गये... कई बार तो वही लोग चले  गये जिसने इन रहो पे चलना सिखाया...इस ज़िंदगी से लड़ना सिखाया...दिलो को मिलना सिखाया.....मंज़िलो  को पाना सिखाया... कुच्छ खो जाने पर उसे वापस से पाना सिखाया....किसिको मिलके हमेशा के लिए बिछड़ना योउ किसिको अच्छा तो नही लगता पर वापस उसके पास जाकर मिलने का रास्ता भी तो खुदा ने नही बनाया ना.....


मिलना बिछड़ना किस्मत का खेल है...ऐसा तो बहोत्त बार सुना है लोगो की ज़ुबान से....ओर एक बार तो "भागवटगीता" मे कही पे पढ़ा भी था की...........ये शरीर नस्वर है जो समय आने पर नष्ट हो जाता है ..परन्तु आत्मा अमर है जो अनत काल तक शरीर बदलती रहती है ....और समय के साथ गमन करती है ...जो आया है वो अपने कार्य समाप्त करने के पशात चला जाये गा कोई भी शक्ति उसे यहाँ रहने के लिए बाध्य नहीं कर सकती ... ....पर हम आज भी  इस बात को समाज ने के काबिल कहाँ....क्यू की हमारी ज़िंदगी से कितने सारे लोग चले गये...पर सयाद्ड आज भी उसका वजूद  हमारे पास छोड़ गये है हमेशा के लिए..........


    कभी पूरी ना होने वाली  आश् छोड़ गये की " कही पे तो मिलेंगे.."....... 
         खुद दूर जा के  कभी ना भुला दाने वाली यादे हमारे पास छोड़ गये........
            " काश ऐसा ना होता...." लाबो दो लॅब्स  छोड़ गये.......!!
                  
                        

कभी कभी तो लगता है कुच्छ तो मजबूरी रही होगी खुदा की भी...... वरना जिसने हमारी  
ज़िंदगी की महफ़िल सजाई है वो ही क्यू दुनिया को हमारी मोत का मातम मानने के लिए मजबूर 
करता..!!..!!..??

                                                                   .                                    _ Niki.....                     

3 comments:

  1. Thank you HC.. & yes.... One of the bitter truth of our life...

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  2. life is all about making choice and the most important is what choice we made....
    we human ..homo sapiens made the choice to live better and better...and that is why we running behind artificial happiness...
    in other words WE ALL ARE CAUGHT UP BY MATRIX.

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