Sunday, 15 June 2014

रिश्ते दिलो के मिटते नही...!!!

कहते है रिश्ते नशा बन जाते है,
कोई कहता है रिश्ते सज़ा बन जाते है,
पर रिश्ते हो अगर सच्चे ओर दिलो के,
तो ये रिश्ते ही जीने की वजह बन जाते है.


लकीरे भी अजीब चीज़ होती है ना.......
माथे पे खींच जाए तो किस्मत बना देती है
ज़मीन पर खींच जाए तो सरहदे बना देती है
सरीर पर खींच जाए तो खून निकल देती है
ओर  अगर हमारे दिलो मे या रिश्तो मे खींच जाए तो दीवारे बना देती है

वो कहते है ना एक रूपिया लाख नही होता पर फिर भी एक रूपिया लाख से निकल जाए तो वो लाख भी लाख नही रहता....
हमारी लाइफ मे भी हर कोई का अपना Importance  है....हम चाहे उसे कभी कभी Ignor ही क्यू ना कर ले पर कभी ना कभी हमारी लाइफ के किसी मोड़ पे वो इंसान हमारी ज़रूरत बन ही जाता  है....हर रिश्ते को संभाल के रखना इंसान की ज़रूरत है....क्यू की हर रिस्ते का अपना वजूद है

कभी कभी  तो प्यार भरे रिश्ते,
इंसान की ताक़त बन जाते हैं,
वहीं नफ़रत वाले रिश्ते ठोकर मार कर,
इक इंसान को ओर मजबूत बना कर जीना शिखा देता हैं
ज़िंदगी क जिस मोड़ पर इंसान को अकेलापन सताता है. उस मोड़ पर अक्सर प्यार भरा रिश्ता ही काम आता है.जिस मोड़ पर इंसान हार कर रास्ते मे रुक जाता है उस मोड़ पर उसे दूसरे रिश्ते ही दोबारा उठ कर चलने का होशला देते है,,,,,


इंसान का यह सोचना  भी ग़लत है,
की कोई दूसरा रिश्ता उसकी मजबूरी है, ऐसा नही हो सकता ना क्यू की जहाँ इक इंसान को ताक़त चाहिए
वहीं ठोकर का होना भी तो बहुत ज़रूरी है.
 अगर तुम गिरोंगे नही तो उठना कैसे शिखोंगे....!!! वो रिश्ते ही है इस जहाँ मे जिसने तुजे गिरना ओर उठना सिखाया.... हर मोड़ पे संभालना सिखाया.... हर हालात मे जीना सिखाया....!!!!




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